21/10/2018
रेलवे ट्रैक से महज 200 मीटर की दूरी पर हो रहे इस आयोजन में 61 लोगो की हत्या का जिम्मेदार कोई और नही वे खुद है जिनमे इतनी भी समझ और दूरदर्शिता नही है कि अगर इस पटरी पर ट्रेन आ गयी तो ? शाशन प्रशाशन और उस ड्राइवर को कोसने से पहले सोचिये की आप उन चलती पटरियों पर बेफिक्री के साथ फ़ोन में कितने खोये थे कि आती हुई मौत उसका हॉर्न लाइट कुछ भी नही दिखाई और सुनाई दिया
सेल्फी और वीडियो लेने में मस्त लोग इतने खो गए कि उन्हें जमीन में होती थरथराहट भी महसूस नही हुई , हादसों के जिम्मेदार हम खुद है , गुस्सा कीजिये तो अपने मूर्खता पर करिये उस ड्राइवर पर नही , वो एक ट्रेन ऑपरेट कर रहा है कोई खिलौना नही जिसे 100 मीटर की दूरी से ब्रेक मार कर रोक लेगा और महज चंद बेवकूफ लोगो को बचाने के लिए हजारों की जान खतरे में डाल देगा
सामने पर ऐसे परिस्थिति हो तो किसी के भी हाथ पैर फूल जाएंगे , वैसे भी वो अपने ट्रैक पर था न कि पटरी से उतार कर उसने रोड पर खड़े लोगो पर ट्रेन चढ़ा दी
शाशन प्रशाशन तो जिम्मेदार हैं ही पर पहले अपनी जिम्मेदारी तय करिये की आप लोग कितने गलत है तब सरकार से हिसाब मांगिये।...
""""ये सरासर एक गंभीर लापरवाही है जिसमे स्थानीय लोग , स्थानीय प्रशाशन , स्थानीय रेलवे प्रशाशन (वो स्टेशन मास्टर जिसने ड्राइवर को स्पीड कम या ट्रैन रोकने को नही कहा घटनास्थल से पहले) सभी की भागीदारी है किसी एक के ऊपर ठीकरा नही फोड़ा जा सकता।""""...
विचार करना शुरू कीजिए दुसरो पर दोष लगा कर अपनी गलतियां छुपा नही सकते , जिंदगी आपकी है तो जिम्मेदारी भी आपकी ही होगी जब गलती आप ही करते है तो शाशन या प्रशाशन की नही , इस पर भी सरकार की कार्यवाही संतोषजनक है इससे अधिक शायद कुछ किया भी नही जा सकता है।
सभी मृतकों को शांति मिले
ॐ शांति शांति शांति