24/08/2026
*सौंप दिये मन प्राण तुम्हींको*
*सौंप दिये ममता अभिमान।*
*जब जैसे, जी चाहे बरतो,*
*अपनी वस्तु सर्वथा जान॥*
*मत सकुचाओ मनकी करते,*
*सोचो नहीं दूसरी बात।*
*मेरा कुछ भी रहा न अब तो,*
*तुमको सब कुछ पूरा ज्ञात॥*
*🌹परम भागवत पद रत्नाकर ग्रंथ, परम पूज्य श्रीभाईजी 🌹*
*राधा राधा राधा राधा राधा*
*🌹परम पूज्य श्रीभाईजी🌹*
*🌹भगवान् सर्वशक्तिमान हैं। भगवान् सर्वज्ञ हैं। भगवान् सर्वेश्वर हैं एवं भगवान् सर्वसुह्रद हैं। संसार में जो कुछ भी होता है भगवान् की देख - रेख में होता है, भगवान् के नियंत्रण में होता है।🌹*
*राधा राधा राधा राधा राधा*
*🌹तुम्हारे जीवन का भगवत्प्राप्ति ही परम ध्येय है। इसलिये तुम अपना प्रत्येक काम भगवान् की प्रसन्नता के लिये ही करो। निरन्तर भगवान् का स्मरण करते हुए अपने प्रत्येक कर्म से भगवान् की पूजा करो। कर्म करो सुचारु रूपसे, कहीं चूको मत। आलस्य या प्रमादसे कर्मका स्वरूप मत बिगाड़ो। पर करो केवल भगवान्के लिये ही भोगों की आशा- आकांक्षा को मनसे निकाल दो।🌹*
*🌹परम पूज्य भाईजी श्रीहनुमानप्रसादजी पोद्दार*🌹