07/03/2026
वनाग्नि रोकथाम को लेकर विभिन्न विभागों का संयुक्त प्रशिक्षण एवं मॉक अभ्यास आयोजित🔥🌲
🟢 जिलाधिकारी महोदय श्री प्रशांत आर्य के निर्देशों के अनुपालन में एवं प्रभागीय वनाधिकारी उत्तरकाशी श्री देवी प्रसाद बलूनी,एवं प्रभागीय वनाधिकारी टिहरी डैम वन प्रभाग ( द्वितीय) उत्तरकाशी सुश्री साक्षी रावत के प्रशिक्षण कार्यक्रम रूप-रेखा अनुसार में ग्रीष्मकाल के दौरान होने वाली वनाग्नि की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण हेतु वनाग्नि रोकथाम संबंधी प्रशिक्षण/कार्यशाला एवं मॉक अभ्यास विभिन्न तिथियों में आयोजित किया जा रहा है।
🟢 दिनांक 07 मार्च 2026 को विकासखण्ड परिसर चिन्यालीसौड़ में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कार्मिकों द्वारा वन विभाग के श्री कन्हैया लाल बेलवाल, उप प्रभागीय वनाधिकारी टिहरी डैम वन प्रभाग (द्वितीय) उत्तरकाशी की उपस्थिति में उत्तरकाशी वन प्रभाग के डुण्डा, धरासू रेंज, टिहरी डैम वन प्रभाग (द्वितीय) उत्तरकाशी के खुरमोला गाड़, दसकीगाड, नगुण गाड़, कमांद रेंज, भूमि संरक्षण वन प्रभाग की धनारीगाड रेंज, एवं वन निगम) को सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक रूप से महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गई तथा मॉक अभ्यास के माध्यम से आपदा से निपटने की जानकारी दी गई।
🟢 इस प्रशिक्षण एवं मॉक अभ्यास में वन विभाग के अतिरिक्त अन्य विभागो के 68 अधिकारियों एवं कार्मिकों ने भी प्रतिभाग किया।
प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा निम्नलिखित जानकारियां प्रदान की गईं:
✅ जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, उत्तरकाशी के मास्टर ट्रेनर मस्तान भण्डारी ने आपदा प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण उपकरण जैसे:- हेलमेट, रोप, जुमर, पुली, वायर लेडर, स्ट्रेक्चर, पी0 के0 बैग, तत्काल सम्पर्क सूत्र नम्बर-108, 112 आदि जानकारी तथा सैटेलाइट फोन की उपयोगिता एवं संचालन विधि के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
✅ एसडीआरएफ के मुख्य आरक्षी श्री मनोज चौहान ने वनाग्नि के दौरान घायलों के रेस्क्यू तथा उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के तरीकों के बारे में बताया।
✅ पुलिस संचार विभाग के मुख्य आरक्षी श्री दिग्विजय सिंह राणा एवं श्री सूरज कुमार ने जंगलों में वायरलेस सेट के माध्यम से सूचना संप्रेषण तथा उनके इंस्टॉलेशन के सम्बन्ध में आवश्यक जानकारी दी।
✅ फायर सर्विस के आरक्षी श्री दीपक रावत ने घरेलू आग एवं वनाग्नि की घटनाओं के बारे में जानकारी देते हुए वन संपदा को बचाने के लिए उपयोग किए जाने वाले उपकरणों के प्रयोग की जानकारी दी।
✅ स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा अधिकारी डॉ रिशिता ने वनाग्नि में घायल व्यक्तियों को दी जाने वाली प्राथमिक चिकित्सा के बारे में जानकारी दी।
✅ वन विभाग के श्रीमती पूजा चौहान वन क्षेत्राधिकारी डुण्डा एवं श्री जगमोहन सिंह गंगाड़ी वन क्षेत्राधिकारी धरासू ने वनाग्नि की पीपीटी के माध्यम से रोकथाम एवं वन संपदा की सुरक्षा तथा घायल व्यक्तियों के प्रबंधन में रिस्पांस टाइम को कम करने के उपायों के बारे में बताया गया।