14/07/2023
चाहे महाराजा रणजीत सिंह का राज हो या शिवाजी का, किसी के भी राज में कहीं भी कोई मस्जिद नहीं तोड़ी गई। परंतु इस देश का मुसलमान जो अरबी नहीं, ईरानी-तूरानी नहीं, बल्कि मत परिवर्तन करके मुसलमान बना, यही का मुसलमान है; हिंदुस्तान के तीन अति महत्व के श्रद्धा केंद्र हिन्दुओं को नहीं दे सकता? यह तो बहुत छोटी सी बात है।
अयोध्या, मथुरा व काशी का मुसलमानों के लिए कोई मतलब नहीं है। मैं आपको विश्वास दिला सकता हूं कि जब तक अयोध्या मथुरा और काशी इसी रूप में रहेंगे हिन्दू समाज के हृदय में मुसलमानों के प्रति प्रेम का भाव जागृत नहीं हो सकता । हर वर्ष करोड़ों हिंदू दर्शन करने के लिए यहाँ आते हैं, जब देखते हैं तो उन्हें ठेस पहुँचती है। इन्हें छोड़ने के लिए आज भी मुसलमान तैयार नहीं है; क्योंकि आक्रमणकारी मुसलमान थे। भला आक्रमणकारी से आप का क्या रिश्ता है? औरंगजेब और मुगल बादशाहों से आपका क्या रिश्ता है?
---प्रो.राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया)