06/12/2015
अब एक बात तो तय हो गयी कि अब जो भी करना है वो इसी जन्म में करना है और भारत को विश्व गुरु बनने के अपने सपने को साकार होते हुए अपनी आँखों से देखना है ………
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मैंने अपने अंकल से कुछ प्रशन पूछे, जो मुझे बचपन से परेशान कर रहे थे :-
अंकल, आप पिछले जन्म में क्या थे ?,
उन्होंने कहा : पता नहीं।
अच्छा अंकल, आप अगले जन्म में क्या बनोगे ?,
उन्होंने कहा : पता नहीं।
मैंने पूछा :- अंकल कोई गरीब घर में और कोई अमीर घर में कैसे पैदा होता है ?
उन्होंने कहा :- इसका मुझे पता नहीं।
फिर मैंने पूछा :- कोई "ब्राह्मण" के यहाँ, कोई "छत्रिय" के यहाँ, कोई "वैश" के यहाँ कैसे पैदा होता है ? क्या इसके पीछे भी कोई Logic है ?
फिर उन्होंने कहा :- बेटा, पैदा तो इंसान कहीं भी हो सकता है, पर "ब्राह्मण", "छत्रिय", "वैश" बनता है अपने कर्मों के आधार पर.
मैंने पूछा :- कैसे ??
तो उन्होंने कहा :-
(a) जब हम ज्ञानवर्धक बातें करते है तो लोग हमें "ब्राह्मण" कहते हैं.
(b) जब हम अपनी रक्षा करते हैं तो लोग हमें "छत्रिय" कहते हैं.
(c) जब हम Business करते हैं तो लोग हमें "वैश" कहते हैं.
पुराने समय में ज्यादातर समय यह देखा जाता था कि "ब्राह्मण", "छत्रिय" और "वैश" के बच्चे अपने पारिवारिक पेशे को ही अपनाते थे और शादियां भी उसी तरीके से किया करते थे. पर अब समय बदल रहा है और इसी प्रकार हर कोई हर तरह का काम भी कर रहा है और शादियाँ भी कर रहा है. समय के साथ तो चलना ही चाहिए, पर अपने संस्कारों को बिना छोड़े हुए …
उनकी बातें सुन कर मेरे दिमाग में कुछ बातें उभरी, जिसे की हमें समय रहते हुए गहरी सोच और उससे भी ज्यादा गहरे चिंतन का विषय मानना चाहिए ?????
1) इसका मतलब क्या विश्व भर में हर एक व्यक्ति के अंदर "ब्राह्मण", "छत्रिय", "वैश" समाये हुए होते हैं ??
2) पुरे विश्व की किसी भी जाति हिन्दू,मुस्लिम,सिख,ईसाई के भगवानों के नाम के आगे सरनेम(Caste) नहीं लिखा है, ऐसा क्योँ ?, क्या सन्देश देना चाहते थे हमारे वो सब भगवान ???
3) पिछले जन्म में या अगले जन्म में मैं क्या था या क्या बनूँगा, ये सोच कर अपना दिमाग ख़राब करने वाली बातें है ? यही सोच सोच कर Tension लेते रहो कि हम गरीब घर में पैदा हुए ? ज़बरदस्ती की Tension.....
(4) इन सब ऊपर की बातों से एक बात तो तय हो गयी कि अब जो भी करना है वो इसी जन्म में करना है, हमारे पास कोई option नहीं है.
मित्रों आज की तारीख में जितने भी लोग Top पर (ऊँचे पदों पर) हैं चाहे Service में, Business में,फिल्म Industry में या किसी अन्य जगहों पर, उनमें से अधिकतर लोग गरीब घरों में ही पैदा हुए थे.
(i) सबसे पहले उन्होंने जाना कि संस्कार हमारे अंदर कहाँ कहाँ से आते है :- (a) माता-पिता से (b) अपने आस पास के Environment से (c) अपनी Will Power (इच्छाशक्ति) से.
(ii) साथ ही उन्होंने जाना कि हमारे पैदाइशी Original संस्कार कौन कौन से होते हैं :- (a) शांति, (b) सुख (c) प्रेम, हर किसी से, (d) शक्ति, (e) ज्ञान, (f) पवित्रता और (g) आनंद।
और फिर इसके बाद उन्होंने point (i) और 4 (ii) में तड़का लगाया अपने जोश, जूनून और जज्बे का, जिससे की वो सभी लोग आज आसमान की उचाईयों पर हैं.
मित्रों हमें सोचना होगा कि हम इस "मैं गरीब हूँ, मैं कुछ नहीं कर सकता, मेरे पास कोई साधन नहीं है, मुझे कोई Opportunity नहीं मिली या कोई Opportunity नहीं देता " वाले अपने ऊपर लगे Lable को किसी भी हाल में हटाना होगा, जिससे कि हम सब लोग एक साथ मिल कर नदी की धारा में बिना किसी रुकावट के बहते हुए, अपना बूंद बूंद सहयोग दे कर, भारत को विश्व गुरु बनने के अपने सपने को साकार होते हुए अपनी आँखों से देखें।
A dream you dream alone is only a dream.
A dream you dream together is a reality.