09/10/2026
वाह रे दुनियां के अजीब इंसानों हद हो गई।
जो तुमने राम राज में किया।
फिर भगवान कृष्ण के समय भी किया।
ओर आज के समय मे इस भावी पीढ़ी को सही और गलत का सन्देश देने आए हैं।
ओर जो मुझे साक्षात भगवान श्री कृष्ण के अंश लगते हैं।
ओर नासमझ लोग उनको गलत ठहराने की हिमाकत कर रहें है।
कुछ लोग सोसल मीडिया पर वायरल होने के लिए कितना गिरेंगे।
जो आदमी खुद दोनों किडनी फेल होने के बाद भी किसी से एक गोली तक नहीं मांगता, वो 5 करोड़ लेकर किसी क्रिकेटर को बुलाएगा?
जिस आदमी के शरीर में रोज़ जहर फैलता है, जो हर दूसरे दिन डायलिसिस की मशीन पर अपनी मौत को आते-जाते देखता है, वो आदमी पैसों के लिए बिकेगा?
अरे नहीं... तुम उसे जानते ही नहीं हो।
ना बड़ा आश्रम, ना सोने का सिंहासन, ना लाखों का चंदा।
एक छोटा सा कमरा, एक फटी सी चटाई, और 24 घंटे में सिर्फ 2 घंटे की नींद।
बाकी के 18-20 घंटे... सिर्फ एक ही नाम - "राधा... राधा... राधा..."
डॉक्टर कहते हैं - महाराज जी, आपकी दोनों किडनी खत्म हो चुकी हैं, आपको आराम करना चाहिए।
और महाराज जी हँस कर कहते हैं - "अरे, ये शरीर तो किराए का है, जब तक राधा रानी बुला नहीं लेतीं, तब तक जपना है।"
उन्होंने अपनी बीमारी को कभी बीमारी माना ही नहीं।
उन्होंने कहा - "ये कष्ट नहीं है, ये मेरी राधा रानी का प्रसाद है। वो मुझे तपाना चाहती हैं, ताकि मैं और निखर जाऊं।"
ऐसा संत... जो दर्द को भी प्यार समझ कर गले लगा ले... वो 5 करोड़ के लिए किसी को बुलाएगा?
विराट कोहली।
वो नाम जिसे दुनिया पूजती है। जिसके एक इंस्टाग्राम पोस्ट की कीमत 11-14 करोड़ है। जो एक साल में 200 करोड़ से ज्यादा कमाता है।
उसे क्या कमी है? पैसा? उसके पास बेइंतहा है।
शोहरत? उसके पास दुनिया की सबसे बड़ी शोहरत है।
प्यार करने वाली पत्नी, प्यारी सी बेटी, सब कुछ।
फिर वो वृंदावन की धूल में, जमीन पर क्यों बैठा था?
क्योंकि भाई, जब जेब भर जाती है ना, तो दिल खाली हो जाता है।
तुमने विराट को मैदान में लड़ते देखा है, पर तुमने विराट को रात में अकेले रोते नहीं देखा।
जब पूरी दुनिया गाली दे रही थी, जब फॉर्म नहीं आ रहा था, जब वो कप्तानी छोड़ कर टूट चुका था... तब उसे लगा कि अब कोई रास्ता नहीं।
अनुष्का ने एक बार कहा था - "हम बहुत टूट गए थे, हमें शांति चाहिए थी।"
वो शांति उन्हें दुबई के महल में नहीं मिली, लंदन की पार्टियों में नहीं मिली।
वो शांति मिली वृंदावन की एक छोटी सी कुटिया में, एक ऐसे संत के पास जिसकी खुद की जिंदगी रोज़ खत्म होने की कगार पर है।
वहाँ विराट, विराट कोहली नहीं था।
वहाँ वो सिर्फ एक थका-हारा बेटा था, जो अपने गुरु के सामने बैठ कर कह रहा था - "महाराज जी, मन बहुत अशांत है।"
और महाराज जी ने उसे कोई मंत्र नहीं दिया, कोई ताबीज नहीं दिया।
उन्होंने सिर्फ कहा - "बेटा, राधा नाम जपो। सब ठीक हो जाएगा। नाम में बहुत ताकत है।"
और उस पल... उस अरबपति क्रिकेटर की आँखों से आंसू बहने लगे।
ये आंसू 5 करोड़ में नहीं आते भाई। ये आंसू तब आते हैं जब अंदर का घमंड टूटता है, जब इंसान को समझ आता है कि वो कितना छोटा है।
तो जो लोग कहते हैं ना - "ये सब Paid PR है, 5 करोड़ का सौदा है..."
उनसे एक ही बात कहूंगा - जाओ, एक दिन वृंदावन जाओ। 2 बजे रात को महाराज जी की पदयात्रा देखो। देखो वो आदमी कैसे लड़खड़ाते कदमों से, मरी हुई किडनियों के साथ, सिर्फ अपने भक्तों के लिए निकलता है।
उस चेहरे पर पैसों का लालच नहीं, सिर्फ राधा के लिए प्यार दिखेगा।
और फिर सोचना - क्या ऐसा आदमी बिक सकता है?
बंद करो यार। हर चीज को पैसों से मत तौलो।
कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जो पैसों से ऊपर होते हैं।
गुरु और शिष्य का रिश्ता, भक्त और भगवान का रिश्ता... वो 5 करोड़ क्या, 500 करोड़ में भी नहीं खरीदा जा सकता।
आज तुम हँस रहे हो,
कल जब तुम्हारा दिल टूटेगा, जब तुम्हें कोई नहीं समझेगा, जब डॉक्टर भी हाथ खड़ा कर देंगे...
तब तुम्हें भी उसी वृंदावन की धूल याद आएगी।
और तब तुम्हारे मुंह से भी एक ही नाम निकलेगा...
राधे-राधे 🙏
जय श्री राधे। जय प्रेमानंद महाराज जी।