12/08/2026
उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति 2022 के तहत निवेशकों और उद्यमियों को आकर्षित करने के लिए सरकार भारी वित्तीय प्रोत्साहन, टैक्स में रियायतें और विशेष सब्सिडी प्रदान कर रही है. इस नीति का मुख्य उद्देश्य राज्य में होटल, रिसॉर्ट, होमस्टे और एडवेंचर टूरिज्म इकाइयों का तेजी से विकास करना है.नीति के तहत मिलने वाली विस्तृत सब्सिडी और छूट की रूपरेखा नीचे दी गई है:
1. पूंजीगत निवेश सब्सिडी (Capital Investment Subsidy)परियोजना में किए गए कुल निवेश (Eligible Capital Investment) के आधार पर अलग-अलग स्लैब में सब्सिडी तय की गई है:₹10 लाख से ₹10 करोड़ तक का निवेश: कुल लागत पर 25% सब्सिडी (अधिकतम सीमा ₹2 करोड़).₹10 करोड़ से ₹50 करोड़ तक का निवेश: कुल लागत पर 20% सब्सिडी (अधिकतम सीमा ₹7.5 करोड़).₹50 करोड़ से ₹200 करोड़ तक का निवेश: कुल लागत पर 15% सब्सिडी (अधिकतम सीमा ₹20 करोड़).₹200 करोड़ से ₹500 करोड़ तक का निवेश: कुल लागत पर 10% सब्सिडी (अधिकतम सीमा ₹25 करोड़).₹500 करोड़ से अधिक का निवेश: कुल लागत पर 10% सब्सिडी (अधिकतम सीमा ₹40 करोड़).अतिरिक्त 5% विशेष सब्सिडी: यदि उद्यमी महिला है, SC/ST या पिछड़े वर्ग से है, या निवेश किसी गैर-विकसित (Unserved) पर्यटन स्थल पर किया जा रहा है, तो 5% की अतिरिक्त सब्सिडी मिलती है (कुल प्रोत्साहन अधिकतम 30% पर कैप है).
2. ब्याज सब्सिडी (Interest Subsidy)बैंक लोन पर 5% की ब्याज सब्सिडी दी जाती है।यह लाभ अधिकतम ₹5 करोड़ तक के ऋण पर और 5 वर्षों की अवधि के लिए मान्य है।नोट: सामान्य इकाइयां या तो पूंजीगत सब्सिडी चुन सकती हैं या ब्याज सब्सिडी, दोनों एक साथ नहीं मिल सकतीं।
3. टैक्स और शुल्क में 100% छूट (Exemptions)स्टांप ड्यूटी: भूमि की खरीद या लीज (पहले ट्रांजैक्शन) पर 100% स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क से छूट।लैंड कन्वर्जन: कृषि भूमि को व्यावसायिक/पर्यटन भूमि में बदलने पर लगने वाले कन्वर्जन चार्ज और विकास शुल्क पर 100% छूट।
4. होटलों को 'उद्योग' का दर्जा (Industry Status)राज्य में होटलों और पर्यटन इकाइयों को अब व्यावसायिक के बजाय औद्योगिक दर्जा दिया गया है।इसके तहत अब बिजली बिल, पानी का बिल, प्रॉपर्टी टैक्स और सीवरेज टैक्स व्यावसायिक दरों के बजाय सस्ती औद्योगिक दरों पर देना होगा।
5. हेरिटेज होटलों के लिए विशेष नियम (Heritage Hotels)ऐतिहासिक इमारतों (1950 से पहले निर्मित) को बिना वास्तुकला बदले हेरिटेज होटल बनाने पर 25% पूंजीगत सब्सिडी (अधिकतम ₹5 करोड़) मिलती है।हेरिटेज होटलों को पूंजीगत सब्सिडी और ब्याज सब्सिडी दोनों का लाभ एक साथ लेने की विशेष अनुमति है।पहले वर्ष के एक्साइज लाइसेंस शुल्क (Excise Fee) पर 50% की प्रतिपूर्ति (Reimbursement) की जाती है।
6. रोजगार और डिजिटल प्रोत्साहनEPF प्रतिपूर्ति: यदि इकाई में उत्तर प्रदेश के मूल निवासी 50 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं, तो नियोक्ता (Employer) के EPF योगदान का 100% हिस्सा 5 वर्षों तक सरकार वापस करेगी।डिजिटल सिस्टम: तकनीक, AI या मेटावर्स का उपयोग कर प्रचार सामग्री बनाने के लिए 25% की वित्तीय सहायता दी जाती है।
Suresh