09/07/2020
*कोरोना* महामारी के इस दौर में इम्यूनिटी (रोगों से लड़ने की क्षमता) प्रत्येक व्यक्ति के लिए बहुत महत्वपूर्ण हो गई है.
अब ऐसे समय में जब हमें घरों से निकल कर बाहर अपने-अपने काम पर जाना होगा, तब कोरोना जैसी बीमारियों से लड़ने के लिए शरीर में इम्यूनिटी (Immunity) का मजबूत होना बहुत आवश्यक है.
इसी को ध्यान में रखते हुए डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने इम्यूनिटी वर्धक (Immunity Booster) बेहतरीन औषधियों के द्वारा इम्यूनिटी किट (Immunity Kit) तैयार किया गया है.
इस किट में गिलोय घन वटी, काढ़ा (वाइटल चाय) और अश्वगंधा रसायन को सम्मिलित किया है.
1. *गिलोय घन वटी* -
यह टैबलेट इम्युनिटी बढ़ाने के साथ साथ श्वसन तंत्र (Respiratory System) की बीमारियों एवं सर्दी जुकाम और सभी प्रकार इन्फ्लुएंजा बुखार में बहुत प्रभावी औषधि है.
यह पाचन तंत्र को मजबूत करने के साथ आंखों की रोशनी बेहतर करने में भी उपयोगी है. यह हमारे शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करने का काम करती है. प्रत्येक आयु वर्ग का व्यक्ति इसका सेवन कर सकता है.
आयुर्वेदीय भेषज्य कल्पना के सिद्धान्तों पर आधारित विशेषज्ञों की देखरेख में गिलोय घन वटी का निर्माण किया जाता है, जिसमें सर्वप्रथम ताजी एवं मोटी गिलोय को लेकर उसके छोटे छोटे टुकड़े कर उन्हें अच्छी तरह धो लेते है. फिर उनको अच्छी तरह कूट लेते है उसके पश्चात पर्याप्त मात्रा में पानी डालकर मध्यम आंच पर उबालते है. जब तक कि वह 1/4 भाग शेष नहीं रह जाए तत्पश्चात् उसे छान लेते है, और उस छने हुए द्रव को पुन: उबालते है जब तक कि वह गाढ़ा नहीं हो जाता. फिर सम्यक गाढ़ा होने पर आवश्यक प्रमाण की गोलियां बना लेते है.
2. इम्यूनिटी वर्धक *आयुर्वेदिक काढ़ा (Herbal Tea)* जिसमें तुलसी (10 gm), मधुयेष्ठी (15 gm), वासा (20gm), भारंगी (20 gm), भूमिआमलकी (15 gm), कंटकारी (10gm), हरिद्रा (8 gm), दालचीनी (20 gm), लवंग (8 gm), पिप्पली (8 gm), मरिच(8 gm), शुंठी (8gm) जैसी औषधियों को देश, काल आदि के आधार पर आयुर्वेद में बताई हुई मात्रा के अनुसार मिलाकर बनाया गया है.
इसको बनाने के लिए सभी द्रव्यों को यथोचित प्रमाण में मिलाकर मोटा चूर्ण बनाते हैं. फिर काढ़ा (चाय) बनाने के लिए 1 चम्मच चूर्ण को 4 कप पानी में डालकर मंद आंच पर उबालते है जब यह 1 कप शेष रह जाए तो इसे छानकर पी लेवे. इसे सुबह औेर दोपहर की चाय के समय प्रयुक्त किया जा सकता हैं. ये चाय सुबह के समय शरीर में ताजगी का अहसास करवाने के साथ ऊर्जा प्रदान करती है.
यह रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाने के साथ ही सर्दी जुखाम बुखार जैसी बीमारियों में बहुत उपयोगी है.
इन औषधियों में श्वसन तंत्र (Respiratory System), पाचन तंत्र (Digestive System), मांसपेशियों एवं जोड़ों के विकार (Muscle and Joints Problem), रक्त एवम् त्वचा संबंधी विकारों (Blood and Skin Related Problems) को ठीक करने की क्षमता है.
3. *अश्वगंधा रसायन* -
शरीर में दैनिक कार्यों को करने की ताकत के साथ ही इम्यूनिटी बढ़ाने में अत्यन्त उपयोगी. इसमें पाए जाने वाले एंटीआक्सीडेंट (Antioxidant) और एंटीइंफ्लेमेटरी (Anti-inflammatory) गुण कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक होते हैं. इसके सेवन से हृदय की मांसपेशियां मजबूत होती है और यह बैड कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करता है. यह तन्त्रिका तन्त्र के लिए बल्य प्रभाव रखता है तथा शरीर के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए टॉनिक की तरह कार्य करता है.
आईआईटी, दिल्ली की रिसर्च टीम भी काफी समय से अश्वगंधा के कोविड-19 पर प्रभाव का अध्ययन कर रही है, अगर इसका अच्छा परिणाम मिलता है तो यह भारत को वैश्विक पटल पर काफी मजबूत कर देगा.
ये फॉर्मूला DrHemant Rajpurohit द्वारा उपलब्ध कराया गया है जो कि इस आयुर्वेद विश्विद्यालय में चिकित्सक के पद पर कार्यरत हैं.
वैसे दिये गए फार्मूले से आप स्वयं इसे तैयार कर सकते हैं फिर भी अगर आप चाहे तो.. आयुर्वेद विश्विद्यालय के एम डी रिसर्च स्कॉलर्स की टीम इस किट का सशुल्क वितरण करती है.
नमस्कार,
आयुर्वेद विश्वविद्यालय के M.D. scholars द्वारा ये बनाई जा रही है, आप हमसे संपर्क कर इससे सम्बन्धित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
धन्यवाद
7790869747
Dr. Hemant Rajpurohit
M.d. scholar
Ayurveda University, Jodhpur
Former research associate, ccras