18/02/2026
रमज़ान का ये मुक़द्दस महीना हमें सब्र, परहेज़गारी और एहसास-ए-ज़िम्मेदारी का दर्स देता है।
ये वक़्त है मुहासिबा-ए-नफ़्स का, इबादत का और अपने आसपास के ज़रूरतमंद लोगों की ख़िदमत का। दुआ है कि अल्लाह तआला हम सबकी इबादतों को क़ुबूल फ़रमाए
और हमारे दिलों को नूर, सुकून और बरकत से भर दे।
आप तमाम अहबाब को दिली मुबारकबाद।
मुदस्सिर अली