07/01/2026
राय बरेली में पीट-पीटकर मारे गए हरिओम वाल्मीकि हिंदू थे या नहीं? उन्हें किसने मारा? क्या उत्तराखंड की अंकिता भंडारी हिंदू नहीं थीं? किसने मारा उन्हें?
बांग्लादेश में जिस तरह से टारगेट करके हिंदुओं की नृशंस हत्या की जा रही है उससे भारत के लोग बेहद गुस्से में हैं. आख़िर बांग्लादेश कौन होता है हिंदुओं की हत्या करने वाला?
आजकल देश की जनता का ध्यान पाकिस्तान की तरफ़ कम है. जरूरत भी नहीं है. जब चुनाव बंगाल में है तो ख़बरों में पाकिस्तान क्यों होगा? ख़बरों में तो बांग्लादेश होगा.
देश का मीडिया सरकार की जरूरतें समझता है. “साहब की पुतली फिरी नहीं तब तक मीडिया मुड़ जाता है” वाला हाल है. देश का बच्चा-बच्चा जान चुका है कि बांग्लादेश में हिंदू सताए जा रहे हैं.
तमाम सरकारी बाबा भी बांग्लादेश पर टिप्पणी करना शुरू कर चुके हैं…बांग्लादेश क्रिकेट टीम के खिलाड़ी निशाने पर हैं…और शाहरुख ख़ान भी बख़्शे नहीं जा रहे हैं…
यानी हिंदुत्व, राष्ट्रवाद, बॉलीवुड और क्रिकेट…चारों एलिमेंट्स सक्रिय किए जा चुके हैं…ज़ाहिर है भाजपा की तरफ़ से बंगाल चुनाव की तैयारियाँ शुरू हो गई हैं…
बांग्लादेश हमारा नजदीकी पड़ोसी है जिसका आकार, अर्थव्यवस्था
और आबादी हमसे कई गुना कम है. भारत के ही अनेक राज्य बांग्लादेश से बड़े हैं.
भारत सैन्य क्षमता से लेकर अंतरराष्ट्रीय संबंधों में भी बांग्लादेश से कई गुना बेहतर है. कुल मिलाकर हम जब चाहें तब बांग्लादेश को दबाव में ला सकते हैं…
लेकिन कितनी अजीब बात है न! हिंदुओं की शुभचिंतक समझी जाने वाली भाजपा सरकार इस मुद्दे पर बांग्लादेश से सख्ती से पेश नहीं आ रही है. आख़िर क्यों?
हमारे प्रधानमंत्री जी तो फ़ोन करके वॉर रुकवा देते हैं! फिर वो बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या चुपचाप क्यों देख रहे हैं? क्या उन्हें इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ रहा? या ये हत्याएँ होने दी जा रही हैं?
सोचिए इन हत्याओं से भारत की सियासत पर क्या असर पड़ेगा? भारत की बहुसंख्यक आबादी का ध्रुवीकरण किसे फ़ायदा पहुँचाएगा?
अच्छा बताइए मध्य प्रदेश इंदौर में ज़हरीले पानी से 14 लोगों की मौत के बाद गुजरात के गांधीनगर में भी लोग विषैले पानी से बीमार हो गए. क्या इस घटना पर किसी सरकारी बाबा ने कोई बयान दिया?
क्या इंदौर में ज़हरीले पानी से हिंदू नहीं मरे? भगदड़ों से लेकर ट्रेन दुर्घटनाओं तक में जो सैकड़ों लोग मर रहे हैं क्या वो हिंदू नहीं हैं? विमान दुर्घटना में कितने हिंदू मारे गए थे? गिना कभी? सरकार ने इन मौतों की जिम्मेदारी क्यों नहीं ली?
मिलावटी खाने और नकली दवाइयों से होने वाली मौतें क्या सरकार की मिलीभगत से होने वाली हत्याएं नहीं हैं? बताइए हर साल कितने हिंदू दम तोड़ते हैं? देश में कैंसर के मरीजों की बाढ़ कैसे आ गई, कभी पूछा किसी ने?
बांग्लादेश की हम कितनी भी आलोचना कर लें, हमारे अपने देश में भी अल्पसंख्यकों के साथ कोई बहुत बढ़िया व्यवहार नहीं हो रहा है.
टारगेट करके उनके घर गिराये जा रहे हैं, उनके त्योहारों पर तोड़फोड़ की जा रही है, मॉब लिंचिंग की जा रही है, बिना ट्रायल पाँच-पाँच साल जेल में रखा जा रहा है…क्या ये सब ठीक है?
घर की दीवारों को अलग-अलग करने से क्या घर मजबूत होगा? कभी सोचा है ये धर्म और जाति के आधार पर अलग-अलग बर्ताव करने वाले नेता इस देश को कितना कमजोर कर रहे हैं?
कभी इनका एंटीना पाकिस्तान की तरफ़ घूम जाता है कभी बांग्लादेश की तरफ़…और हम लोग बुद्धुओं की तरह इनका लगाया चैनल देखकर मारो-मारो चिल्लाने लगते हैं!
अपनी अक्ल लगाइए और पूछिए भारत बांग्लादेश को बिजली क्यों दे रहा है? पूछिए सवाल कि बांग्लादेश की शेख हसीना भारत में किसकी मेहमान हैं?
ढंग के सवाल पूछ लीजिए, ख़ुद समझ में आ जाएगा कि भारत का मीडिया बांग्लादेश को क्यों कवर कर रहा है?
कठपुतलियाँ मत बनिये…ज़ोंबी मत बनिए…एक सच्चे भारतीय बनिए…असली देशभक्त बनिए…संविधान के रक्षक बनिए…एक जिम्मेदार नागरिक बनिए.🇮🇳🌸